अगर आप इस बार झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा दे रहे हैं, तो आपके लिए सबसे अहम आंकड़ा JTET कट-ऑफ है। अच्छी बात यह है कि यह कोई बदलती मेरिट रैंक नहीं है। यह एक तय क्वालिफाइंग प्रतिशत है, यानी परीक्षा हॉल में जाने से पहले ही आपको अपना टारगेट पता होता है।
इस गाइड में हर कैटेगरी के लिए JTET पेपर 1 कट-ऑफ और JTET पेपर 2 कट-ऑफ, 150 में से जरूरी मार्क्स, असल में किन वजहों से यह लक्ष्य मुश्किल लग सकता है, और एक व्यावहारिक सेफ स्कोर, सब कुछ बताया गया है। चलिए एक-एक करके समझते हैं।
मुख्य बातें
- JAC के नोटिस के हवाले से आई रिपोर्ट्स के अनुसार JTET परीक्षा 1 नवंबर 2026 (रविवार) को होगी: पेपर 2 सुबह और पेपर 1 दोपहर में।
- JTET एक क्वालिफाइंग परीक्षा है। या तो आप अपनी कैटेगरी का न्यूनतम प्रतिशत पार करते हैं या नहीं। कोई रैंक लिस्ट नहीं बनती।
- हर पेपर में 1-1 अंक के 150 प्रश्न होते हैं, और रिपोर्ट्स के अनुसार कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है।
- General/EWS उम्मीदवारों को 60% (150 में से 90) चाहिए। BC-1/BC-2 उम्मीदवारों को 55% (82.5, यानी व्यवहार में 83) चाहिए। ज्यादातर रिपोर्ट्स के अनुसार SC/ST/PVTG/दिव्यांग उम्मीदवारों को 52% (78) चाहिए, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स 50% (75) बताती हैं।
- पेपर 1 और पेपर 2 दोनों पर यही प्रतिशत लागू होते हैं।
- रिपोर्ट्स के अनुसार JHTET Rules 2026 के तहत सर्टिफिकेट आजीवन मान्य है, और यह 2013 व 2016 के सर्टिफिकेट पर भी लागू होता है।
JTET कट-ऑफ: अगली परीक्षा से पहले क्या जानें
पहले वो बातें जिन पर आप अभी काम कर सकते हैं। आवेदन विंडो महीनों पहले बंद हो चुकी है, JAC ने कई बार डेडलाइन बढ़ाई थी। अब परीक्षा में बस कुछ ही दिन बचे हैं।
JAC के 28 सितंबर 2026 के Notice No. 62/2026 के हवाले से आई रिपोर्ट्स यह शेड्यूल बताती हैं:
| इवेंट | तारीख / समय |
|---|---|
| नोटिफिकेशन जारी | 28 मार्च 2026 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू | 21 अप्रैल 2026 (बढ़ोतरी के बाद अब बंद) |
| एडमिट कार्ड उपलब्ध | 15 अक्टूबर 2026 से |
| परीक्षा तिथि | 1 नवंबर 2026 (रविवार) |
| पेपर 2 (उच्च प्राथमिक, कक्षा 6–8) | सुबह 9:30 से दोपहर 12:00 बजे तक |
| पेपर 1 (प्राथमिक, कक्षा 1–5) | दोपहर 2:00 से 4:30 बजे तक |
एडमिट कार्ड 15 अक्टूबर 2026 से उपलब्ध है। अगर आपने अभी तक डाउनलोड नहीं किया है, तो आज ही JAC की आधिकारिक वेबसाइट से कर लें।
एक पुरानी रिपोर्ट में परीक्षा की अलग तारीख दी गई थी। 1 नवंबर की तारीख JAC के सितंबर वाले नोटिस से जुड़ी है, फिर भी अपने एडमिट कार्ड पर छपी तारीख और शिफ्ट जरूर जांच लें।
रिपोर्ट्स के अनुसार 4.40 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है, और यह 2016 के बाद पहली JTET है। इसलिए सालों से इंतजार कर रहे B.Ed और D.El.Ed धारकों के लिए यह साइकिल बहुत बड़ी है।
इस पोस्ट की सबसे जरूरी बात: JTET कट-ऑफ एक पात्रता सर्टिफिकेट के लिए क्वालिफाइंग प्रतिशत है, मेरिट रैंक नहीं। आप सीमित पास सीटों के लिए बाकी 4 लाख लोगों से मुकाबला नहीं कर रहे। अगर आप अपनी कैटेगरी के न्यूनतम मार्क्स तक पहुंच जाते हैं, तो आप क्वालिफाई कर लेते हैं। बस इतना ही।
पूरी टाइमलाइन, फीस और 2026 के नियमों में क्या बदला, यह जानने के लिए हमारी गाइड JTET नोटिफिकेशन और महत्वपूर्ण तिथियां 2026, फीस और बदलाव पढ़ें।
JTET क्वालिफाइंग मार्क्स कैसे काम करते हैं
पेपर का ढांचा
दोनों पेपर का मूल ढांचा एक जैसा है। 2026 पैटर्न पर रिपोर्ट्स बताती हैं:
- 150 बहुविकल्पीय प्रश्न, हर प्रश्न 1 अंक का, कुल 150 अंक
- हर पेपर 2 घंटे 30 मिनट का
- ऑफलाइन, OMR आधारित परीक्षा, पेपर हिंदी और अंग्रेजी में
- कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं
नेगेटिव मार्किंग न होना यहां बहुत मायने रखता है। OMR का कोई भी गोला खाली न छोड़ें। सोच-समझकर लगाया गया अनुमान सिर्फ अंक बढ़ा ही सकता है।
कैटेगरी-वाइज न्यूनतम क्वालिफाइंग प्रतिशत
JHTET Rules 2026 के तहत क्वालिफाइंग लक्ष्य आपकी कैटेगरी पर निर्भर करता है। 2026 नोटिफिकेशन पर रिपोर्ट्स यह बताती हैं। 150 में से 60% यानी 90 अंक, 55% यानी 82.5 अंक और 52% यानी 78 अंक।
| कैटेगरी | क्वालिफाइंग % | 150 में से अंक | व्यावहारिक टारगेट (पूर्ण अंक) |
|---|---|---|---|
| General (अनारक्षित) | 60% | 90 | 90 |
| EWS | 60% | 90 | 90 |
| BC-1 / BC-2 | 55% | 82.5 | 83 |
| SC / ST / PVTG | 52% (कुछ रिपोर्ट्स: 50%) | 78 (या 75) | 78 |
| दिव्यांग (PwD) | 52% (कुछ रिपोर्ट्स: 50%) | 78 (या 75) | 78 |
जहां रिपोर्ट्स में मतभेद है: 2026 के नियमों पर ज्यादातर रिपोर्ट्स SC, ST, PVTG और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 52% बताती हैं। कुछ SC/ST/PwD के लिए 50% बताती हैं। कुछ रिपोर्ट्स आरक्षित कैटेगरी के लिए 5% छूट का भी जिक्र करती हैं। सुरक्षित रहने के लिए, अगर आप इनमें से किसी कैटेगरी में हैं तो 78 अंकों की योजना बनाएं, और JAC के नोटिफिकेशन में सही क्लॉज जांच लें।
हर प्रश्न एक पूरे अंक का है, इसलिए 82.5 अंक लाना संभव नहीं। इसलिए BC-1 या BC-2 उम्मीदवार को 83 को ही असली न्यूनतम मानना चाहिए।
हमें मिली रिपोर्ट्स में महिलाओं के लिए अलग प्रतिशत नहीं है। आपका लक्ष्य आपकी कैटेगरी तय करती है, जेंडर नहीं। अगर संदेह हो, तो आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें।
JTET पेपर 1 (कक्षा 1-5) कट-ऑफ
हर साइकिल में पेपर 1 के क्वालिफाइंग मार्क्स
JTET की अब तक कुछ ही साइकिल हुई हैं: 2013 और 2016 की परीक्षाएं, और अब 2026। नीचे दिए 2026 के आंकड़े मौजूदा नियमों से रिपोर्ट हुए न्यूनतम अंक हैं। पिछली साइकिल के आधिकारिक रूप से प्रकाशित कैटेगरी-वाइज आंकड़े हम कन्फर्म नहीं कर सके, इसलिए उन पंक्तियों में अनुमान लगाने के बजाय आधिकारिक स्रोत देखने को कहा गया है।
| साइकिल | General / EWS | BC-1 / BC-2 | SC / ST / PVTG / दिव्यांग |
|---|---|---|---|
| 2026 (मौजूदा नियम) | 60% (90/150) | 55% (82.5/150) | 52% (78/150); कुछ रिपोर्ट्स: 50% (75/150) |
| 2016 | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें |
| 2013 | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें |
पेपर 1 कौन देता है और इसमें क्या है
पेपर 1 उन सभी के लिए है जो कक्षा 1 से 5 को पढ़ाना चाहते हैं। सामान्य रास्ता है कम से कम 50% अंकों के साथ सीनियर सेकेंडरी और 2 साल का D.El.Ed। NCTE से मान्यता प्राप्त दूसरे रास्ते, जैसे 4 साल का B.El.Ed या Diploma in Special Education, भी मान्य हैं। हर योग्यता रास्ते, आयु सीमा और जरूरी दस्तावेजों के लिए JTET पात्रता: पेपर 1 और 2 योग्यता, आयु, दस्तावेज देखें।
रिपोर्ट्स पेपर 1 का पैटर्न इस तरह बताती हैं:
| सेक्शन | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | 30 | 30 |
| भाषा I | 30 | 30 |
| भाषा II | 30 | 30 |
| गणित | 30 | 30 |
| पर्यावरण अध्ययन (EVS) | 30 | 30 |
| कुल | 150 | 150 |
पांच बराबर हिस्सों का मतलब है कि पेपर 1 में संतुलन का फायदा मिलता है। कमजोर सेक्शन आसानी से छिप नहीं सकता, लेकिन कोई एक सेक्शन आपको डुबा भी नहीं सकता।
पिछली पेपर 1 साइकिल में कितने क्वालिफाई हुए
2013 या 2016 में पेपर 1 में कितने उम्मीदवार क्वालिफाई हुए, इसके आधिकारिक आंकड़े हमें नहीं मिले। इन आंकड़ों के लिए JAC की वेबसाइट पर आधिकारिक नोटिफिकेशन या रिजल्ट नोटिस देखें। याद रखें, पास होने वालों की संख्या से आपका लक्ष्य नहीं बदलता। चाहे कितने भी लोग क्वालिफाई करें, आपकी कैटेगरी का प्रतिशत वही रहता है।
JTET पेपर 2 (कक्षा 6-8) कट-ऑफ
स्ट्रीम के अनुसार पेपर 2 के क्वालिफाइंग मार्क्स
JTET पेपर 2 कट-ऑफ में पेपर 1 जैसे ही कैटेगरी प्रतिशत लागू होते हैं। आपकी स्ट्रीम से सिर्फ प्रश्न बदलते हैं, पार करने वाला लक्ष्य नहीं।
| साइकिल / स्ट्रीम | General / EWS | BC-1 / BC-2 | SC / ST / PVTG / दिव्यांग |
|---|---|---|---|
| 2026: गणित एवं विज्ञान | 60% (90/150) | 55% (82.5/150) | 52% (78/150); कुछ रिपोर्ट्स: 50% |
| 2026: सामाजिक अध्ययन | 60% (90/150) | 55% (82.5/150) | 52% (78/150); कुछ रिपोर्ट्स: 50% |
| 2016 (सभी स्ट्रीम) | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें |
| 2013 (सभी स्ट्रीम) | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें | आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें |
पिछली साइकिल के लिए आधिकारिक रूप से प्रकाशित स्ट्रीम-वाइज क्वालिफाइंग आंकड़े, या 2026 पैटर्न में भाषा शिक्षकों के लिए कोई अलग स्ट्रीम, हमें नहीं मिली। अगर आप उच्च प्राथमिक स्तर पर कोई भाषा पढ़ाना चाहते हैं, तो आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखें कि आप पर कौन-सा विकल्प लागू होता है।
स्ट्रीम चुनने से पेपर कैसे बदलता है
रिपोर्ट्स पेपर 2 को इस तरह बताती हैं: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (30), भाषा I (30) और भाषा II (30), फिर एक 60 अंकों का विषय ब्लॉक। यह ब्लॉक आप क्या पढ़ाएंगे, इसके अनुसार या तो गणित एवं विज्ञान होता है या सामाजिक अध्ययन।
यह 60 अंकों का ब्लॉक पूरे पेपर का 40% है। इसलिए:
- गणित एवं विज्ञान वाले उम्मीदवारों को कैलकुलेशन और कॉन्सेप्ट वाले प्रश्न मिलते हैं। संख्यात्मक प्रश्नों में स्पीड और सटीकता बहुत कुछ तय करती है।
- सामाजिक अध्ययन वाले उम्मीदवारों को इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के व्यापक तथ्य मिलते हैं। रिवीजन का दायरा बहुत कुछ तय करता है।
दोनों ही मामलों में, आपकी पढ़ाई का आधे से ज्यादा समय विषय ब्लॉक को जाना चाहिए।
पेपर 2, पेपर 1 से कहां अलग है
सीधी तुलना यह रही:
| बिंदु | पेपर 1 (कक्षा 1–5) | पेपर 2 (कक्षा 6–8) |
|---|---|---|
| कंटेंट | गणित 30 + EVS 30, प्राथमिक स्तर पर | एक 60 अंकों का विषय ब्लॉक (गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन), उच्च प्राथमिक स्तर पर |
| 1 नवंबर 2026 को शिफ्ट | दोपहर, 2:00–4:30 बजे | सुबह, 9:30 से दोपहर 12:00 बजे |
| सामान्य योग्यता | 12वीं + D.El.Ed (या समकक्ष) | ग्रेजुएशन + B.Ed / D.El.Ed (या समकक्ष) |
| क्वालिफाइंग पैटर्न | कैटेगरी के अनुसार 60% / 55% / 52% | वही: कैटेगरी के अनुसार 60% / 55% / 52% |
कंटेंट और उम्मीदवार अलग हैं, क्वालिफाइंग नियम नहीं। विषय ब्लॉक ज्यादा गहराई में जाता है इसलिए पेपर 2 अक्सर कठिन लगता है, लेकिन जरूरी अंक बिल्कुल वही हैं। आप दोनों पेपर दे सकते हैं, क्योंकि वे अलग-अलग शिफ्ट में होते हैं।
JTET कट-ऑफ को क्या प्रभावित करता है
आधिकारिक क्वालिफाइंग प्रतिशत नियमों में तय है, इसलिए इस अर्थ में JTET कट-ऑफ नहीं बदलता। जो बदलता है वह यह है कि उस आंकड़े तक पहुंचना कितना मुश्किल है। इसे प्रभावित करने वाली बातें ये हैं।
पेपर का कठिनाई स्तर और साइकिल के बीच का अंतर
कठिन पेपर में 150 में से 90 लाना आसान पेपर की तुलना में कहीं ज्यादा मुश्किल होता है। यह साइकिल लगभग दस साल के अंतराल के बाद आ रही है, और पेपर नए 2026 नियमों और सिलेबस पर होंगे। कठिनाई का सटीक अनुमान कोई नहीं लगा सकता। सबसे अच्छा तरीका है 2013 और 2016 के पेपर हल करना और फिर 2026 पैटर्न पर फुल-लेंथ मॉक देना।
उम्मीदवारों की संख्या और छूट की नीति
मेरिट परीक्षा में ज्यादा उम्मीदवार कट-ऑफ ऊपर ले जाते हैं। JTET मेरिट परीक्षा नहीं है, इसलिए लाखों उम्मीदवार आपके क्वालिफाइंग अंक नहीं बढ़ाते। संख्या बाद में मायने रखती है, जब क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवार शिक्षक भर्ती में मुकाबला करते हैं।
छूट की नीति अभी मायने रखती है। यहीं SC/ST/PVTG/दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 52% बनाम 50% का सवाल आता है। ऊंचे आंकड़े के हिसाब से योजना बनाएं, जो भी ज्यादा मिलेगा वह बोनस होगा।
सिलेबस या मार्किंग स्कीम में बदलाव
2026 का नोटिफिकेशन नए नियमों, झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026, के तहत आया है। अपने पेपर का सिलेबस वाला हिस्सा ध्यान से पढ़ें। अगर कोई टॉपिक जुड़ा है या किसी सेक्शन का वेटेज बदला है, तो आपकी तैयारी भी बदलनी चाहिए। मार्किंग स्कीम में अचानक बदलाव से भी रणनीति बदलती, लेकिन 2026 पर रिपोर्ट्स प्रति प्रश्न एक अंक और कोई नेगेटिव मार्किंग न होने की पुष्टि करती हैं।
इस साइकिल के लिए सेफ स्कोर: पेपर 1 और पेपर 2
पहले एक साफ बात: नीचे दिए टारगेट हमारा अपना मार्गदर्शन हैं, आधिकारिक आंकड़े नहीं। आधिकारिक लक्ष्य क्वालिफाइंग प्रतिशत है। "सेफ स्कोर" बस उसके ऊपर एक कुशन है, ताकि कोई कठिन सेक्शन, OMR की गलती या कुछ गलत अनुमान आपको लाइन से नीचे न धकेल दें।
General और EWS उम्मीदवारों के लिए सेफ स्कोर
- आधिकारिक न्यूनतम: दोनों पेपर में 150 में से 90
- सुझाया गया टारगेट: मॉक में लगभग 100 से 105, यानी 10 से 15 अंकों का मार्जिन
- क्यों: घबराहट और अनजान प्रश्नों की वजह से परीक्षा के दिन का स्कोर अक्सर आपके मॉक औसत से कुछ अंक कम रहता है
आरक्षित कैटेगरी के लिए सेफ स्कोर
| कैटेगरी | आधिकारिक न्यूनतम | सुझाया गया मॉक टारगेट (हमारा मार्गदर्शन) |
|---|---|---|
| BC-1 / BC-2 | 83 (55%) | लगभग 93 से 98 |
| SC / ST / PVTG / दिव्यांग | 78 (52%) | लगभग 88 से 93 |
यही टारगेट पेपर 1 और पेपर 2 दोनों के लिए हैं। पेपर 2 के उम्मीदवार ध्यान रखें कि उनके मार्जिन का अच्छा हिस्सा 60 अंकों के विषय ब्लॉक से आए, क्योंकि सबसे बड़ा उतार-चढ़ाव वहीं होता है।
आखिरी दिनों में वहां तक पहुंचने की योजना
परीक्षा में बस कुछ ही दिन बचे हैं, इसलिए नए टॉपिक के बजाय तैयारी को धार देने पर ध्यान दें:
- परीक्षा के समय के अनुसार एक फुल मॉक दें (2 घंटे 30 मिनट में 150 प्रश्न), दिन के उसी समय जब आपकी शिफ्ट है।
- अपने सेक्शन-वाइज स्कोर देखें और बचे हुए ज्यादातर घंटे सबसे कमजोर लेकिन ज्यादा वेटेज वाले सेक्शन पर लगाएं।
- बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र का रिवीजन करें। यह दोनों पेपर में 30 अंकों का है और इसमें अच्छे अंक आसानी से आते हैं।
- OMR भरने का अभ्यास करें ताकि गलत गोला भरने से कभी अंक न कटें।
- हर प्रश्न का उत्तर दें। नेगेटिव मार्किंग न होने पर खाली छोड़ा गया प्रश्न एक अंक गंवाने जैसा है।
इन आखिरी दिनों के लिए Crown Publications के संसाधन:
| संसाधन | प्रकार | किसके लिए सबसे अच्छा | |||
|---|---|---|---|---|---|
| JTET (Class I - V) Full Mock Test Paper - 1 | टेस्ट सीरीज | परीक्षा के समय के अनुसार फुल-लेंथ पेपर 1 अभ्यास | |||
| JTET Paper 2 (Classes 6-8) Maths & Science | टेस्ट सीरीज | पेपर 2 गणित एवं विज्ञान स्ट्रीम के मॉक | |||
| JTET Paper 2 (Classes 6-8) Social Science | टेस्ट सीरीज | पेपर 2 सामाजिक अध्ययन स्ट्रीम के मॉक | |||
| JTET \ | झारखण्ड शिझक पात्रता परीक्षा ( Class I - V ) | किताब | पेपर 1 की पूरी तैयारी और रिवीजन | ||
| Khortha \ | Chapter Wise One Liner Book \ | नावां टटका खोरठा \ | For JSSC, JTET And Other Exams | किताब | अगर आपकी भाषा खोरठा है तो वन-लाइनर से तेज रिवीजन |
और भी संसाधन हमारे प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें कलेक्शन और पूरी ऑनलाइन टेस्ट सीरीज रेंज में देखें।
क्वालिफाई करने के बाद: सर्टिफिकेट की वैधता और अगले कदम
सर्टिफिकेट की वैधता
JHTET Rules 2026 पर रिपोर्ट्स के अनुसार JTET सर्टिफिकेट अब आजीवन मान्य है। पहले यह 7 साल के लिए मान्य था। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि नए नियमों का Clause 13 यह आजीवन वैधता 2013 और 2016 की परीक्षाओं के सर्टिफिकेट पर भी लागू करता है। अगर आपने पहले क्वालिफाई किया था और सोचते थे कि सर्टिफिकेट की वैधता खत्म हो गई, तो आधिकारिक नियम देखें। हो सकता है वह अब फिर से मान्य हो।
शिक्षक भर्ती में JTET स्कोर का उपयोग
JTET सर्टिफिकेट आपको झारखंड के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक पदों के लिए आवेदन करने के योग्य बनाता है। यह अपने आप में नौकरी नहीं देता। Sahayak Acharya जैसे पदों की भर्ती भर्ती करने वाली संस्था अलग से, अपनी चयन प्रक्रिया और अपने नोटिफिकेशन के तहत करती है। यानी JTET पास करना दरवाजा खोलता है, और अच्छा स्कोर आगे के लिए आपको मजबूत स्थिति में रखता है।
परीक्षा के दिन के लिए तैयार हो जाएं
1 नवंबर से पहले अपनी शिफ्ट, रिपोर्टिंग टाइम, सेंटर का पता और साथ ले जाने वाले दस्तावेज जांच लें। हमारी JTET एडमिट कार्ड 2026: डाउनलोड, शिफ्ट टाइमिंग और परीक्षा का दिन गाइड में यह सब विस्तार से बताया गया है।
निष्कर्ष
JTET कट-ऑफ साफ और तय है: General और EWS के लिए 60%, BC-1 और BC-2 के लिए 55%, और ज्यादातर रिपोर्ट्स के अनुसार SC, ST, PVTG और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 52% (कुछ 50% बताती हैं)। यानी पेपर 1 और पेपर 2 दोनों में 150 में से 90, 83 और 78 अंक।
आप लाखों दूसरे उम्मीदवारों से रेस नहीं लगा रहे। आप उस आंकड़े से रेस लगा रहे हैं जो आपको पहले से पता है। 10 से 15 अंकों का कुशन रखने का लक्ष्य बनाएं, हर प्रश्न का उत्तर दें, और 1 नवंबर को शांत रहें। आपने इस परीक्षा का लंबा इंतजार किया है, और आप इसे पास कर सकते हैं। ऑल द बेस्ट!
FAQs
General कैटेगरी के लिए JTET पेपर 1 में क्वालिफाइंग मार्क्स कितने हैं?
General और EWS उम्मीदवारों को पेपर 1 में 60%, यानी 150 में से 90 अंक चाहिए। JTET एक क्वालिफाइंग परीक्षा है, इसलिए 90 या उससे ज्यादा अंक क्वालिफाई करने के लिए काफी हैं। इसके ऊपर कोई रैंक कट-ऑफ नहीं है।
SC, ST और OBC उम्मीदवारों के लिए JTET पेपर 2 कट-ऑफ क्या है?
2026 के नियमों के तहत BC-1 और BC-2 (OBC) उम्मीदवारों को 55%, यानी 150 में से 82.5, व्यवहार में 83 अंक चाहिए। ज्यादातर रिपोर्ट्स SC, ST, PVTG और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 52% (78 अंक) बताती हैं, जबकि कुछ 50% (75 अंक) बताती हैं। 78 की योजना बनाएं और JAC के नोटिफिकेशन में सही क्लॉज जांच लें।
क्या पेपर 1 और पेपर 2 का JTET कट-ऑफ अलग है?
नहीं। दोनों पेपर में एक जैसे कैटेगरी-वाइज प्रतिशत लागू होते हैं, और दोनों 150 अंकों के हैं। फर्क कंटेंट में है: पेपर 2 में पेपर 1 के गणित और EVS सेक्शन की जगह एक 60 अंकों का विषय ब्लॉक (गणित एवं विज्ञान या सामाजिक अध्ययन) होता है।
क्या JTET में नेगेटिव मार्किंग है?
2026 परीक्षा पैटर्न पर रिपोर्ट्स के अनुसार कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है। हर प्रश्न एक अंक का है, इसलिए सभी 150 प्रश्न हल करें और OMR का कोई गोला खाली न छोड़ें।
इस साइकिल में JTET क्वालिफाई करने के लिए सेफ स्कोर कितना है?
यह हमारा मार्गदर्शन है, आधिकारिक आंकड़ा नहीं। General या EWS हैं तो मॉक में लगभग 100 से 105, BC-1 या BC-2 हैं तो लगभग 93 से 98, और SC, ST, PVTG या दिव्यांग हैं तो लगभग 88 से 93 का लक्ष्य रखें। इससे क्वालिफाइंग मार्क्स के ऊपर 10 से 15 अंकों का कुशन मिलता है।
JTET सर्टिफिकेट कितने समय तक मान्य है?
JHTET Rules 2026 पर रिपोर्ट्स के अनुसार सर्टिफिकेट आजीवन मान्य है, जिसने पहले की 7 साल की वैधता की जगह ली है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि यह 2013 और 2016 की परीक्षाओं के सर्टिफिकेट पर भी लागू होता है।
महत्वपूर्ण लिंक